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सीतापुर जिले के ग्राम ननसोहा के निवासी नीरज राजवंशी का मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण, वह पिछले साल नवंबर में अपने बुआ के घर मछरेहटा से लापता हो गए थे। उनका मानसिक विकार इतना गंभीर था कि वह अपने बारे में कुछ भी स्पष्ट रूप से बताने में असमर्थ थे। इस घटना ने उनके परिवार को बेहद चिंतित किया, लेकिन अंततः समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू की संस्था मिशन आत्मसंतुष्टि की मदद से नीरज को उसके परिवार से मिला दिया गया।
नीरज का लापता होना और उसकी मानसिक स्थिति
नीरज राजवंशी का लापता होना उनके परिवार के लिए एक बड़ा झटका था। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, और यह स्थिति उनके परिवार के लिए चिंता का विषय बन गई थी। नीरज का मानसिक विकार समय के साथ और भी गहरा गया, जिससे वह खुद को पहचानने और अन्य लोगों से संवाद करने में असमर्थ हो गए थे। मछरेहटा थाने में नीरज के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल रही थी। ऐसे में परिवार के लोग नीरज के सुरक्षित वापसी की उम्मीद खोने लगे थे।
मिशन आत्मसंतुष्टि का हस्तक्षेप
जब मिशन आत्मसंतुष्टि के संस्थापक राजवर्धन सिंह राजू को नीरज के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने नीरज को अपने कार्यालय बुलवाया। हालांकि, नीरज उस समय मानसिक रूप से ठीक नहीं थे और वह किसी भी तरह से संवाद स्थापित करने में असमर्थ थे। राजवर्धन सिंह राजू ने नीरज की स्थिति को समझते हुए उसे चिकित्सा सहायता दिलाने का निर्णय लिया।
इलाज और मानसिक स्थिति में सुधार
मिशन आत्मसंतुष्टि के द्वारा नीरज का इलाज किया गया। इलाज के बाद, नीरज की मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। वह अब अपने बारे में बात करने में सक्षम हुए और अपनी पहचान, पता और मोबाइल नंबर साझा किया। यह वह महत्वपूर्ण मोड़ था, जब नीरज के पिता के साथ संपर्क किया गया। उनके परिवार के लिए यह एक खुशखबरी थी, और उन्होंने मिशन आत्मसंतुष्टि और उसके संस्थापक राजवर्धन सिंह राजू का धन्यवाद किया।
नीरज का सकुशल घर लौटना
नीरज की हालत में सुधार आने के बाद, उसके परिवार को यह खुशी मिली कि वह अब अपने बेटे को सुरक्षित घर ले जा सकते थे। मंगलवार को ननचोहा प्रधान समर सिंह राणा अपने छोटे बेटे और अन्य साथियों के साथ मिशन आत्मसंतुष्टि के कार्यालय पहुंचे। वहां से उन्होंने नीरज को सकुशल अपने घर ले लिया। यह दृश्य बेहद भावुक था, क्योंकि एक लंबे समय बाद नीरज अपने परिवार के पास वापस लौट रहे थे। इस पूरी प्रक्रिया को मिशन आत्मसंतुष्टि और उसके संस्थापक राजवर्धन सिंह राजू के समर्पण और कार्यों की सराहना की गई।
मिशन आत्मसंतुष्टि के अन्य सामाजिक कार्य
मिशन आत्मसंतुष्टि का यह काम केवल नीरज की मदद तक सीमित नहीं था। संस्था पिछले कई वर्षों से समाज में कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। गरीब कन्याओं की शादी, गरीबों का इलाज, लावारिस शवों का अंतिम संस्कार, मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों का इलाज और पुनर्वास, सर्दियों में राहत रथ चलवाना, गर्मियों में पेयजल की व्यवस्था जैसे सामाजिक कार्य मिशन आत्मसंतुष्टि की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं।
मिशन आत्मसंतुष्टि की कार्यप्रणाली
मिशन आत्मसंतुष्टि की संस्था समाज के कमजोर वर्ग के लिए लगातार काम कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाना है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो किसी कारणवश समाज से हाशिए पर चले गए हैं। संस्था का कार्यक्षेत्र न केवल मानसिक विकारों से पीड़ित लोगों को संभालने तक सीमित है, बल्कि यह समाज के विभिन्न हिस्सों में मदद पहुंचाने का कार्य करती है।
समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू का योगदान
समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू ने हमेशा ही अपने कार्यों से समाज में एक नई रोशनी की किरण दी है। उन्होंने गरीबों की मदद करने, मानसिक बीमारियों से पीड़ित लोगों का इलाज कराने और अन्य सामाजिक कल्याण के कार्यों में निरंतर योगदान दिया है। राजवर्धन सिंह राजू का यह समर्पण उनके मिशन आत्मसंतुष्टि के प्रति ईमानदारी और मेहनत का प्रमाण है।
समाज के अन्य योगदानकर्ता
इस पूरे कार्य में नीरज की मदद करने वाले उनके भतीजे इन्द्रेश सिंह, शिवम सिंह, अरविन्द सिंह, शोभित, सीमा और मिशन आत्मसंतुष्टि के अन्य सदस्य भी महत्वपूर्ण थे। इन सभी की सामूहिक मेहनत और योगदान से नीरज को फिर से अपने परिवार से मिलाने में सफलता मिली।
संस्था का भविष्य और अन्य पहलें
मिशन आत्मसंतुष्टि का भविष्य उज्जवल है। यह संस्था अब तक कई लोगों की मदद कर चुकी है और आगे भी समाज में बदलाव लाने का प्रयास करेगी। इस संस्था के द्वारा किए गए कार्यों से यह स्पष्ट है कि समाज के हर हिस्से के लिए यह संस्था एक समर्थन का स्रोत बन चुकी है।
निष्कर्ष
नीरज का अपने परिवार से मिलना और उसकी मानसिक स्थिति का सुधरना, मिशन आत्मसंतुष्टि के प्रभावी काम और समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू की अथक मेहनत का परिणाम है। यह घटना न केवल नीरज के परिवार के लिए खुशी का कारण बनी, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा भी है। मिशन आत्मसंतुष्टि ने समाज में गरीबों और मानसिक विकारों से पीड़ित लोगों की मदद करने का जो कार्य किया है, वह सराहनीय है। इस प्रकार के सामाजिक कार्य न केवल इंसानियत को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में सामूहिकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।