67377

भारत सरकार ने मंज़ूर की ₹1,500 करोड़ की क्लीन मिंरल रीसाइक्लिंग योजना 2025 मेटा विवरण (Meta Description): भारत सरकार ने महत्वपूर्ण खनिजों के रीसाइक्लिंग और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए ₹1,500 करोड़ की क्लीन मिंरल रीसाइक्लिंग योजना 2025 को मंजूरी दी। यह योजना आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम है।
₹1,500 करोड़ क्लीन मिंरल रीसाइक्लिंग योजना, भारत खनिज रीसाइक्लिंग 2025, सतत विकास भारत सरकार योजना, क्लीन टेक्नोलॉजी खनिज रीसाइक्लिंग, आत्मनिर्भर भारत खनिज प्रोत्साहन —परिचय भारत सरकार ने हाल ही में ₹1,500 करोड़ की क्लीन मिंरल रीसाइक्लिंग योजना 2025 को मंजूरी दी है। यह योजना उन खनिजों की रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करेगी जो देश की औद्योगिक और आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके तहत स्वच्छ तकनीकों (Clean Technologies) और सतत विकास (Sustainable Development) को प्राथमिकता दी जाएगी। —योजना का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य खनिज संसाधनों पर निर्भरता कम करना और घरेलू स्तर पर रीसाइक्लिंग क्षमताओं को बढ़ावा देना है।
उपलक्ष्य: 1. महत्वपूर्ण खनिजों का रीसाइक्लिंग
2. पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी
3. निजी और सरकारी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देना
4. आत्मनिर्भर भारत मिशन को सशक्त करना
—बजट और प्रावधान सरकार ने इस योजना के लिए ₹1,500 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
वित्तीय ढांचा: –
शुरुआती चरण में ₹500 करोड़ अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए होगा। – ₹700 करोड़ रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर खर्च होंगे। –
शेष ₹300 करोड़ स्टार्टअप्स और MSMEs को प्रोत्साहन देने में उपयोग होंगे।
—योजना से मिलने वाले लाभ पर्यावरणीय लाभ: – कचरे और प्रदूषण में कमी – ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर नियंत्रण आर्थिक लाभ: – खनिज आयात पर निर्भरता कम होगी – रोजगार के नए अवसर बनेंगे
– स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा
—वैश्विक दृष्टिकोण क्लीन मिंरल रीसाइक्लिंग भारत के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। यूरोप, अमेरिका और जापान जैसे देशों ने पहले ही ऐसी योजनाएं शुरू की हैं।
भारत अब इस दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।
—आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास यह योजना सीधे तौर पर आत्मनिर्भर भारत मिशन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जुड़ी हुई है। विशेष योगदान: – ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) – ग्रीन टेक्नोलॉजी (Green Technology)
– औद्योगिक नवाचार (Industrial Innovation) —विशेषज्ञों की राय कई उद्योग विशेषज्ञों ने कहा है कि यह योजना खनिज संसाधनों के संरक्षण और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाने में मदद करेगी। –
–निष्कर्ष ₹1,500 करोड़ की क्लीन मिंरल रीसाइक्लिंग योजना 2025 भारत सरकार का एक दूरदर्शी कदम है। यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
—अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्लीन मिंरल रीसाइक्लिंग योजना क्या है?
यह योजना खनिजों के रीसाइक्लिंग और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
प्रश्न 2: इस योजना के लिए कितना बजट रखा गया है?
₹1,500 करोड़।
प्रश्न 3: योजना से किसको फायदा होगा?
खनिज उद्योग, स्टार्टअप्स, MSMEs और पर्यावरण सभी को लाभ मिलेगा।